Goods and service tax (GST) | GST के बारेमे सारी जानकारी हिंदी में |

परिचय :-

दुनिया के करीब 160 देश ऐसे हैं के जहाँ एक या दुशरे रुपमे माल और सेवा कर Goods And Service Tax (GST) And मूल्य वर्धित कर (VAT) का अमल किया जा रहा हैं | कुछ देश में VAT का GST के विकल्प के रूप में अमल किया जा रहा हैं But मुलभुत रूप से माल और सेवा के उपयोग के सन्दर्भ में एक जगह के आधार पे लिए जाने वाला (Destination Based) कर हैं  |

GST की शुरुआत सबसे पहले 1954 में फ्रान्स में की गई थी | सिर्फ Canada एक ऐसा देश हे जहाँ Dual GST Applicable हैं और अब भारत में भी Dual tax (GST & VAT) का अमल हो रहा हैं | सामान्य रूप से ये सारे देशोमे 15% से 20% के बिच GST का RATE Applicable हैं |

 

बहुत ज्यादा tax Rate की वजह से tax चोरी की शक्यता बढ़ जाती हैं | बहुत ज्यादा Developing Country जैसे के USA और France जेसे देशो में भी ऐसा देखा गया हे की बहुत सी company के द्वारा Tax बचाने हेतु से हिसाब में गोटाला किया गया हो |

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India में GST के अमल की शुरुआत तारीख 1 जुलाई 2017 से हुई  |

(1) GST के द्वारा विभिन्न प्रकार के परोक्ष tax को एकरूप करके माल और सेवाओ के सन्दर्भ में Input Tax Credit देने का प्रावधान किया गया हैं | 

 

(2) GST हर Stage पे कलेक्ट किया जाता हैं यानि Production (उत्पादन) से लेकर उसका इस्तेमाल (use) करने तक के हर Stage पर GST Apply (वसूल) किया जाता हैं | But पहले Stage पे Pay किये गए tax का set off या वसुलात का प्रावधान किया गया हैं | Short में हम ऐसा कह शकते हैं के सिर्फ मूल्यवृद्धि पर GST (Goods And Service Tax) लगाया जाता हैं And 

(3) इस मेथड में GST का सारा भार आखिर के यूजर पर पड़ता हैं | यानि के एक वस्तु के production से लेकर उसका यूज़ हुने तक की जो प्रोसेस हे उसमे आखिर में जो उस वस्तु को जो इस्तेमाल करता हैं उसके द्वारा  Goods and service tax का भुगतान करना पड़ता हैं |

 

(4) राष्ट्रिय स्तर पे एक समान production और Sevices पे एक समान रूप में GST लगाया जायेगा और पहले जो भी taxes लिए जाते थे वह सारे Cancel किये जाएगे |

 

(5) GST उपभोग (Consumption) आधारित होने के कारण सिर्फ आखरी बिक्री (Sales) के दोरान ही GST Payable हुआ ऐसा गिना जाएगा |

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(6) जिस जगह माल या सर्विस का उपभोग होता हे उस जगह को Place of Supply कहा जाता हैं और वह Place जिस सरकार की हद में हो वह Goverment के द्वारा उस पर Tax Applicable हो जाता हैं |

 

(7) जिस Assese का Yearly Turnover Rs.20 लाख से ज्यादा न हो उसको Goods And service tax (GST) में से मुक्ति (छुट) दी गई हैं | सिक्किम राज्य के लिए Rs.10 लाख के टर्नओवर तक GST की छुट दी गई हैं |

Total वार्षिक Turnover की गिनती करते वक्त Taxable Turnover के ऊपर Tax Free / GST Applicable न हो ऐसा Stock, Tax Free OR Zero Tax Stock , माल और सेवाओ के निकास की Total Price को भी Include किया जाता हैं But GST के Under में जो भी Taxes आते हे उसे Include नहीं कर शकते |

 

(8) कोई भी Person जो Rs.20 लाख या उससे ज्यादा मूल्य के माल की बिक्री (sales) करता हे या सर्विस देता हैं उसको GST में Registration करवाना Compulsary होता हैं |

Gst की लाक्षनिकता (Objectives of Goods And Service tax) :-

 

  • Goods या Service या फिर दोनों के Supply पे Gst Collect किया जाता हैं |
  • पहले जो परोक्ष Tax की जो Method थी वह Place आधारित Method थी | उसके बदले अब destination based consumption पे GST लगाया जाता हैं |
  • GST Dual Tax Method होने के कारन Central Government और State Government दोनों एक समान Tax लगाने की Authority रखते हैं |
  • दुशरे देश से Goods को Import करने पर Goods पे Custom Duty के अलावा IGST पात्र भी गिना जाता हैं |
  • CGST,SGST/UTGST और IGST का Rate Central And State Goverment के द्वारा Gst के Fix किये गए Structure के under में दोनों सरकार के सम्मति से Decide किया जाता हैं |
  • पहले Central Government के द्वारा लिए जानेवाले प्रत्यक्ष Taxes को Gst में Include किया गया हैं |

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  • पहले State Government के द्वारा लिए जानेवाले प्रत्यक्ष Taxes को Gst में Include किया गया हैं |
  • शराब के अलावा सारी चीजो पर GST लगाया गया हैं |
  • Tobbaco और उससे बनी हुई चीजे भी GST पात्र गिनी जाती हैं |
  • CGST और SGST के लिए Tax मुक्ति की समान मर्यादा के मुताबिक जिस Tax Payer का सालाना (Yearly) Turnover Rs.20 लाख तक का हो (इस Limit को 01/04/2019 से Rs.40 लाख की गई हैं ) और Special Catagory State के लिए Yearly Turnover 10 लाख हो तो वह GST पात्र नहीं गिने जाएगे | इसके सामने सालाना Rs.1 करोड़ या Rs.75 लाख तक का टर्नओवर हो ऐसे Tax Payer के लिए Composition Option की Facility के मुताबिक वह Fix Rate पे (GST की किसी भी प्रकार की Credit लिए बिना) GST Pay कर शकता हैं |
  • देश से बहार माल की बिक्री पर GST नहीं लगाया |

SGST & CGST और IGST कब लगाया जाता हैं ?

 

SGST And CGST :- जब माल का Supply एक राज्य (State) से उसी राज्य (state) के अंदर (Inter state) किया जा रहा हो तो उस Transaction में SGST और CGST लगाया जाता हैं |

 

IGST :- जब माल का Supply एक राज्य (State) से दुशरे राज्य (State) में किया जा रहा हो तब IGST लगाया जाता हैं |

Conclusion :-

मुझे उम्मीद हैं की आपको मेरा यह लेख (Goods and service tax (GST)) जरुर पसंद आया होगा | हमारी  हमेशा से ही यही कोसिस रही हे की हम अपने आर्टिकल में वह सारी जानकारी include करू जो  रीडर्स को चाहिए जिससे के उस आर्टिकल के सन्दर्भ में रीडर्स को  किसी दूसरी site या internet में उस आर्टिकल के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही न रहे | इससे रीडर्स के टाइम की बचत होगी और एक ही जगह पे उन्हें सभी इनफार्मेशन भी मिल जाये | यदि आपके मनमे इस आर्टिकल को लेकर कोई भी doubt हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार  होना चाहिए तो आप निचे Comments कर शकते हैं | यदि आपको यह पोस्ट पसंद आया या कुछ सिखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे के facebook,Twitter, Instagram और pinterest पर शेयर जरुर करे |

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